अगर शनि ग्रह के पास जाएंगे तो क्या होगा?

अगर शनि ग्रह के पास जाएंगे तो क्या होगा?: हमारे सौरमंडल में लाल ग्रह मंगल के पार और सबसे बड़े गैस के गोले बृहस्पति के उस पार सौरमंडल का सबसे खूबसूरत दिखने वाला ग्रह विराजमान है। और सौरमंडल के इस प्रतिष्ठित दुनिया का नाम है, शनि ग्रह। यह ग्रह अपने खूबसूरत रिंग्स के कारण सबसे ज्यादा जाना माना ग्रह है।

अब जानते हैं कि शनि ग्रह के अंदर क्या है? पृथ्वी से निकलकर शनि ग्रह पर जाने पर अंतरिक्षयान से लगेगा 3 साल 2 महीना। जैसे ही आप वहां पहुंचते हो, आपको इस ग्रह के अनोखे रिंग नजर आएंगे। शनि ग्रह के यह रिंग चट्टान और बर्फ के कणो से मिलकर बने हैं। और साफ़ तरीके से नजर आने वाला रिंग इस ग्रह को बहुत ही खूबसूरत बनाते हैं। जैसे जैसे आप शनि ग्रह के रिंग के पास जायेंगे, वहां पर पहुँचने पर आपको सूरज का नजारा काफी गजब दिखाई देगा। इसके बाद शनि ग्रह के पास बढ़ते चले जायेंगे। यहाँ से आपको शनि ग्रह के प्राकृतिक उपग्रह दिखेंगे।

सौरमंडल के सबसे ज्यादा चाँद

कुछ समय पहले माना जाता था कि सौरमंडल के सबसे ज्यादा चाँद बृहस्पति ग्रह के पास है। और उस समय बृहस्पति के 79 और शनि के 62 चाँद थे। लेकिन अक्टूबर 2019 में, शनि ग्रह के और 20 चाँद खोजे गए। और इसे मिलकर आज शनि ग्रह के कुल 82 चाँद है। जिनमे से 53 का नामकारन किया जा चुका है। और बाकी के सारे बे नाम है। इनमे सबसे बड़ा चाँद टाइटन है, जो बुध ग्रह से भी बड़ा है।

जैसे ही आप शनि ग्रह के नजदीक पहुंचेंगे, आपको महसूस होगा कि इस ग्रह का घनत्व बहुत ही कम है। शनि ग्रह का घनत्व पानी से भी कम है। इसलिए यह ग्रह पानी के समुद्र में भी तैर सकता है।

जब आप शनि ग्रह के और अंदर जायेंगे तो आपको महसूर होगा कि इस ग्रह की बनावट थोड़ी बृहस्पति ग्रह जैसी भी है। यह ग्रह भी हाइड्रोजन और हीलियम से मिलकर बना है। क्यूंकि यह एक गैस का गोला है, इसलिए इसका सबसे ज्यादा हिस्सा हमे दिखने वाले गैस हाइड्रोजन और हीलियम का नहीं है। बल्कि इसका ज्यादातर हिस्सा उस लिक्विड हाइड्रोजन और हीलियम का है। जो इसकी गहराइयो में जमा है।

चट्टान वाला ग्रह

माना जाता है कि शनि ग्रह की कोर भी बृहस्पति की तरह चट्टान वाला ग्रह है। जो लोहा और निकक्ल से बनी हुई है। अब जब आप इस ग्रह के और अंदर जाओगे आप यह देखोगे कि बृहस्पति की तरह शनि ग्रह की भी कोई जमीन नहीं है। इसलिए हम शनि ग्रह पर भी पाओं नहीं रख सकते हैं।

इस ग्रह की और गहराइयों में जाने पर एक के बाद एक बादलों की परत आपको आती जाती हुई दिखाई देगी। और इस जगह पर तापमान बेहद ही कम होगा। शनि ग्रह का बाहरी आम तापमान बृहस्पति से भी कम है। क्यूंकि यह सूरज से करीब 1 अरब 48 करोड़ किलोमीटर दूर है। और यहाँ का तापमान करीब -170 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।

हवाओं की गति

अब जैसे जैसे आप इस परत से भी नीचे जायेंगे। वैसे वैसे आप यह महसूस करेंगे कि आप बहुत ही हिंसक हवाओं के पास से गुजर रहे हो। और इन हवाओं की गति 1600 किलोमीटर प्रति घंटा है। इतनी गति से आने वाली हवाओं के बीच अंतरिक्षयान चल नहीं सकता। लेकिन आप मान लीजिये कि आप भाग्यशाली है और उस जगह आपका अंतरिक्षयान चल जाता है।

और इसके बाद इस ग्रह में 300 किलोमीटर भीतर उतरने के बाद आपको कुछ धुंधला धुंधला नजारा दिखेगा। यहाँ के बादल अमोनिया सल्फाइड और अमोनियम सल्फाइड से बने हुए हैं। और यहाँ का वायुमण्डलीय दबाव पृथ्वी की सतह से थड़ा ज्यादा होगा।

ज्यादा दबाव

और जैसे जैसे आप और निचे तक जायेंगे, तो यह बढ़ता ही जायेगा। जैसे ही आप बादलों की दूसरी लेयर को पार करेंगे। आप पृथ्वी के मुकाबले 10 गुना ज्यादा दबाव महसूस करेंगे। और इसपर आगे धीर धीरे तापमान भी बढ़ता जायेगा। यहाँ से और नीचे उतरने के बाद आपको पानी के भरे बादल दिखाई देंगे।

जैसे हमारी पृथ्वी पर होते हैं। आप इन बादलों के बीच से आगे बढ़ रहे होंगे और यहाँ पर आप कई सारी मनमोहक चीज़ें देखेंगे। जैसे कि यहाँ पर होने वाली बारिश, बिजली का कड़कना और घुंगराले बादल। यह शनि ग्रह कि वह जगह है, जहाँ पर 30 डिग्री तक का तापमान होगा।

लेकिन जैसे ही आप इस ग्रह में 15 से 20 मिनट का सफर तय करेंगे। तो तापमान 100 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा बढ़ चुका होगा। और इस गर्मी के साथ यहाँ पर अँधेरा भी बढ़ता जायेगा। और आगे चलकर आपको ज्यादातर अन्धकार ही दिखेगा। क्यूंकि यहाँ तक सूरज की किरणे नहीं पहुँच पाती है।

अद्भुत नज़ारे

जब आप इस ग्रह के और अंदर जायेंगे, तब इसकी ऊपरी परत खत्म हो जाएगी। और आप तरल हाइड्रोजन की परत के पास पहुँच जायेंगे। यहाँ पर हाइड्रोजन तरल धातु के रूप में नजर आएगा। हालाँकि यहाँ पर पहुँचने के बाद कोई भी इंसान जिन्दा नहीं रह सकता। लेकिन मान लीजिये कि आप जिन्दा रहते हैं, तो यहाँ पर आप शनि ग्रह के अद्भुत नज़ारे देखने के लिए समर्थ होंगे। यहाँ पर आप बेहद प्रकाश और गर्मी महसूस करेंगे। जो करीब 5000 डिग्री केसियस के करीब। जो सूरज के सतह के तापमान के बराबर है।

यहाँ से नीचे उतरने पर तापमान और बढ़ता जायेगा, 6000 से 10000 डिग्री केलिस के लगभग। और यहाँ पर यह तरल हाइड्रोजन इतनी सगन हो जाएगी कि आपको अंदर जाने ही नहीं देगी। लेकिन मान लीजिये किसी तरह और निचे आप उतर जाते हैं, तो आगे बढ़ना आपके लिए और मुश्किल नहीं होगा। कुछ निचे और उतरने के लिए भी आपको कई दिन लगेंगे। आपको यहाँ से नीचे जाने के लिए बल की जरूरत पड़ेगी साल 2017 में नासा ने शनि ग्रह पर भेजे एक अंतरिक्षयान ने हमे इस ग्रह की बहुत ही नजदीकी और अंदरूनी तस्वीरें दिखाई थी।


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