पृथ्वी से सौरमंडल के अन्य ग्रह क्यों नहीं दिखाई देते हैं?

पृथ्वी से सौरमंडल के अन्य ग्रह क्यों नहीं दिखाई देते हैं?

हमारा सौरमंडल जिसमे आठ ग्रह मौजूद है। इसमें बृहस्पति आकार में सबसे बड़ा है। सौरमंडल का दूसरा सबसे बड़ा ग्रह शनि है। आपके दिमाग में ये कभी ख्याल आया होगा कि हमारे सौरमंडल में इतने ग्रह मौजूद है। तो आखिर हम उन्हें पृथ्वी पर से खड़े होकर क्यों नहीं देख सकते? आखिर क्या ऐसा कारण है जो यह ग्रह हमे दिखाई नहीं देते? आखिर बृहस्पति इतना बड़ा ग्रह होने के बावजूद महमे पृथ्वी से क्यों नहीं दिखाई देता? या फिर यह ग्रह हमे दिखाई तो देते हैं। लेकिन हम जानकारी के आभाव में इन्हे नजरअंदाज कर देते है। चलिए इन सभी सवालों के जवाब गहनता से जानते हैं। और आपको देते हैं इन सभी सवालों का सटीक जवाब।

इंसान अपनी आँखों से अधिकतम कितनी दूरी तक देख सकता है?

एक अध्ययन की माने तो, हम यह अनुमान लगा सकते हैं कि अधिक से अधिक दो या तीन किलोमीटर का हो सकता है या इससे भी अधिक। इंसान अपनी खुद की आँखों से 20 किलोमीटर तक की दूरी देख सकते हैं। होता क्या है कि हवा में मौजूद धूल कण और अन्य प्रदूषण की वजह से हमारी आखों को ज्यादा दूरी तक देखने से रोकते हैं। यहाँ तक कि जहाँ वातावरण में धुंध न हो। तब भी हम इससे अधिक दूरी तक नहीं देख सकते।

अध्ययन में यह भी कहा गया है कि अगर हम माउंट एवेरेस्ट से देखें, तो सैधानिक पर अधिकतम 339 किलोमीटर तक की दूरी तक सकेंगे।लेकिन व्यावहारिक रूप से हम इतनी दूरी तक नहीं देख पाते। क्यूंकि हमारे दृश्य के रस्ते में बादल आ जाते हैं। अगर हम बिलकुल स्पष्ट रात में आकाश में देखे तो अपनी आखों से आकाश गंगा को देख सकते हैं। जबकि आकाश गंगा पृथ्वी से 22.5 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर है। इस तरह हरी आखों के दूर तक देखने की छमता विभिन पहलुओं पर निर्भर करती है। अगर बीच में हवा में धुल कण आदि हो तब हम जायदा दूरी तक नहीं देख पाते हैं।

हम अपनी आखों से अन्य ग्रहों को पृथ्वी से क्यों नहीं देख सकते?

पृथ्वी से हम बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि, अरुण व वरुण ग्रहों को देख सकते हैं। तो ऐसे में आप सोच रहे होंगे कि यह सभी ग्रह हमे दिखाई तो नहीं देते। और आपका सवाल भी वाजिब है। इन ग्रहों को हम देख सकते हैं, इन सभी ग्रहों को देखने के लिए आपको कुछ नियम और शर्तें का पालन करना पड़ता है।

कोई भी वास्तु हमसे जितनी ज्यादा दूर होगी, वह उतनी ही हमे छोटी नजर आएगी। इस प्रकार यह ग्रह हमसे बहुत ज्यादा दूरी पर है। इसलिए हमे रात को आकाश में दिखते हैं। लेकिन एक तारे के रूप में दिखाई देते हैं। बुध ग्रह सूरज के सबसे नजदीक है, इसलिए इससे सूरज के उगते और ढलते वक़्त आसानी से देखा जा सकता है।

वैज्ञानिकों और खोजों के मुताबिक, आप इसे खास तौर पर तब देखा जा सकता, अब बुध ऊपर होता है। तब सूर्योदय और सूर्यास्त दोनों ही देखना आसान होता है। धरती के उत्तरी गोलार्ध में अप्रैल और मई में शाम के दौरान। और अक्टूबर, नवंबर के बीच सुबह के दौरान ऐसा होता है। बृहस्पति जो की हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है।

बृहस्पति ग्रह की दूरी हमारी पृथ्वी से करीब 69 करोड़ किलोमीटर है। जबकि जून के महीने में सूरज की ज्यादा रौशनी में शुक्र ग्रह नहीं दिखाई देता है। तो बृहस्पति का उस समय एक दम साफ़ दिखाई देने लगता है। जिसकी वजह से बृहस्पति ग्रह हमें अपनी आखों से दिखाई देने लगता है। रात में अंतरिक्ष में पश्चिमी हिस्से में देखा जा सकता है। जून में बृहस्पति ग्रह बिकुल साफ़ दिखाई देता है। अगर आपके पास कोई दूरबीन है, तो आप इसके सतह को भी आसानी से देख सकते हैं। हो सकता है कि आपको दूरबीन के जरिये इसके चन्द्रमा भी दिख जाये। जो दिखने में काफी बड़े होते हैं।

मंगल ग्रह

अब बात करते हैं मंगल ग्रह की, तो यह ग्रह हमारे पृथ्वी का पड़ोसी ग्रह है। मंगल ग्रह पृथ्वी से 5.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर है। धरती से मंगल ग्रह शाम से सुबह तक देखा जा सकता है। क्यूंकि मंगल ग्रह की अपनी एक लाल रंग की चमक होती है। यह सूरज के बिलकुल विपरीत दिशा में मोजूद है। जबकि चन्द्रमा के नजदीक है।

मंगल ग्रह को आप दूरबीन के बिना भी अच्छी तरह से देख पाएंगे। जब मंगल ग्रह धरती से नजदीक होता है। तब इसे और भी ज्यादा आसानी से देखा जा सकता है। यद्पि अधकांश बृहस्पति ग्रह, मंगल की तुलना में अपनी आखों को अधिक उज्वल दिखाई देता है।

शुक्र ग्रह

अब बात करते हैं, शुक्र ग्रह की। जब आप आसमान में देखते हो। तब आपको बहुत सारे तारे नजर आते हैं। लेकिन इनमे जो आपको सबसे चमकने वाले तारा दिखता है, वह तारा नहीं, शुक्र ग्रह है। शुक्र ग्रह को आप बड़ी आसानी से देख सकते हैं। शुक्र ग्रह पृथ्वी से 4.1 करोड़ किलोमीटर की दूरी पर स्तिथ है। यह ग्रह पृथ्वी का नजदीकी ग्रह यह। साल में जून को छोड कर सभी महीनो में इसे देखा जा सकता है। जून में इसलिए नहीं देखा जा सकता, क्यूंकि सूरज की रौशनी उस समय सबसे ज्यादा होती है। शुक्र ग्रह शाम के दौरान पश्चिमी दिशा में और सुबह के दौरान पूरब में दिखाई देता है।

शनि ग्रह

शनि ग्रह की बात की जाये तो, गर्मी के दौरान मई से जुलाई के बीच शनि ग्रह को बिना दूरबीन से देखा जा सकता है। शुरू के तीन महीनो के दौरान रात में इसे देखना संभव है। सूर्यास्त होने के बाद, विपरीत दिशा में इसे देखा जा सकता है। शनि पूरब से निकल कर पश्चिम में आ जाता है। इन सौरमंडल के ग्रहों को देखने के लिए आपको कुछ बातों का ध्यान रखना होगा।

सबसे पहले इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप जिस जगह पर खड़े हैं। वहां का आसमान एक दम साफ़ होना चाहिए। शहर के तुलना में आप गांव के माहौल से इन ग्रहों को देख सकते है। क्यूंकि शहर में प्रदुषण ज्यादा है। साथ ही अगर आप इन ग्रहों को देखना चाहते हैं, तो उस ग्रह की परिक्रमा के बारे में आपको अच्छे तरह से जानकारी हों चाहिए। कि कब वह सूरज के नजदीक आता है।

सूर्यास्त के बाद दिखाई देता है। अगर आप इन सभी बातों का ध्यान रखते हैं, तो आप इन ग्रहों को अच्छी तरह से देख पाएंगे। अगर आप इन ग्रहों को अच्छी तरह से देखना चाहते हैं। तो आप किसी दूरबीन से देख सकते हैं। दूरबीन की जरिये आप ग्रहों को बड़ी आसानी से देख सकते हैं।


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