Aashish Arora Biography In Hindi | Unacademy

हेलो दोस्तों, स्वागत है आप सभी का “sarkari-result.org/“,  कैसे हैं आप सभी, आशा करता हूँ कि आप सभी ठीक होंगे। आज के इस article में, हम आपको Aashish Arora Biography के बारे में पूरी जानकारी देंगे। साथ मैं उनके Aashish Arora Success Story भी बताएंगे। कि कैसे Aashish Arora का लाइफ struggle से बीता? कैसे उन्होंने अपने problems को पीछे छोड़ कर, ignore करके अपने लाइफ में आगे बढे. और आज के समय में Aashish Arora Unacademy में bank exams category में सबसे टॉप के maths teacher हैं। तो चलिए बिना देरी किये आज आप सभी को Aashish Arora के बारे में बताते हैं।

Aashish Arora Biography In Hindi | Quantitative Aptitude | Unacademy

Aashish Arora की फैमिली चाहती थी कि उनके बेटे का IIT में सिलेक्शन हो जाए। और Aashish Arora का भी यही सपना था। लेकिन जब रिजल्ट आया तो IIT में नहीं हुआ। जब सिलेक्शन नहीं हुआ तो Aashish Arora हार से गए थे। वह सोच रहे थे कि मैं अपने जीवन में क्या कर रहा हूं। Aashish Arora अपने आप को failure समझने लगे थे। लेकिन आज यह failure शब्द बहुत सुकून देता है।

A Teacher

Aashish Arora एक टीचर है। जो बैंकिंग पढ़ाते है। 23 साल की उम्र में जब बैंकिंग पढ़ाने के मकसद से और बैंकिंग पैटर्न को समझने के लिए बैंकिंग एग्जाम दिए। Aashish Arora ने 4 बार फुल मार्क्स लिए फ्री एग्जाम में Aashish Arora एक कहावत कहते है। की भगवान आपके उन्हीं गुणों का इम्तिहान लेते है। जो आप में पहले से मौजूद हो।

Aashish Arora का जन्म हरियाणा के एक छोटे से गांव हिसार में हुआ था। Aashish Arora की फैमिली एक मिडिल क्लास फैमिली है। मिडिल क्लास फैमिली के सपने बहुत प्यारे होते है। और जब वो टूटते है। तो या तो हो एक अंधेरे में खो जाते है। या फिर उम्मीद से कुछ सिखा कर जाते है। आपकी जिंदगी में failure उतना ही इंपॉर्टेंट है जितना सक्सेस। जब आप यह बात समझ जाओगे तब से आपको अपनी जिंदगी अच्छी लगने लगेगी।

Maths Topper

Aashish Arora, 10th क्लास तक एक छोटे से स्कूल में पढ़े, पढ़ाई में ठीक-ठाक थे और मैथ के टॉपर थे। Aashish Arora 10th के बाद एक बड़े स्कूल में जाने लगे। Aashish Arora के अंदर एक अलग सी सोचा आ गई थी कि मैं साईकिल से स्कूल जा रहा हूं। और वह लोग कार से उतर रहे है।

उनके branded जूते काफी अच्छे है। Aashish Arora को नेगेटिव फील होने लगा था। जिसकी वजह से परफॉर्मेंस बेकार हो गई और पढ़ाई से मन हटने लगा, सारा दिन यही सोचते रहना। लेकिन मैथ में अच्छे थे, IIT की तैयारी भी करनी थी। तो उनकी फैमिली ने उन्हें एक कोचिंग सेंटर में ऐडमिशन दिलवा दिया। लेकिन वहां के बच्चों को देखकर बचा खुचा confidence भी गिर गया और पढ़ाई में मन भी नहीं लगने लगा।

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Aashish Arora के मन में यही बात घूमती रहती थी। क्या मैं इनसे आगे पढ़ पाऊंगा पता नहीं ऐसे कितने लोग इस शहर में है। क्या मैं उनसे आगे निकल पाऊंगा। Aashish Arora उन सबको उनके बैकग्राउंड उनकी कार उनकी पर्सनैलिटी से जज करता था। Aashish Arora इन सब के चक्कर में अपनी काबिलियत भूलने लगे थे। अपने आप को सबसे कम आंख में लगे थे। IIT तो दूर की बात स्कूल के एग्जाम में भी उनका परफॉर्मर्स डाउन हो गया था और इसी दौरान IIT में सिलेक्शन नहीं हुआ।

1 Year Drop

इसी दौरान Aashish Arora को एक टीचर ने समझाया यह सब मायने नहीं रखता बल्कि मायने यह लगता है। कि आप उस एग्जाम में कैसा परफॉर्मेंस करोगे। Aashish Arora ने 1 साल ड्रॉप किया और फिर से तैयारी शुरू कर दी। जिसकी वजह से क्लास में बहुत अच्छे मार्क्स आने लगे सब कुछ अच्छे से चलने लगा।

IIT के एग्जाम से एक हफ्ता पहले दिन रात मेहनत करने लगे लेकिन Aashish Arora का IIT में सिलेक्शन नहीं हुआ। जब सिलेक्शन नहीं हुआ तो बहुत टूट से गए थे। एक अलग से दुनिया में रहने लगे थे चुपचाप रहना किसी से नहीं बोलना। इसी के साथ साथ यह बात कि मेरे पापा ने इतना पैसा मेरे पर खर्च किया और मैंने सारा पैसा वेस्ट करती है। उन्हें यह सब बातें परेशान कर रहे थे।

कुछ समय बाद Aashish Arora ने एक डिसीजन लिया उस डिसीजन की वजह से उनकी लाइफ चेंज हो गई। Aashish Arora ने अपनी ताकत को पहचाना कि मेरी math अच्छी है। तो Aashish Arora ने मैथ की कोचिंग देना शुरू कर दिया। Aashish Arora ने क्लास 6 के बच्चे को ट्यूशन लेना शुरू किया जैसे-जैसे उनका पढ़ाने का स्टाइल अच्छा लगने लगा वैसे वैसे स्टूडेंट पढ़ने लगे। धीरे धीरे करके उन्हें 10th 12th के बच्चों को भी पढ़ाया और msc और B tech के स्टूडेंट को पढ़ाया।

Teaching

Aashish Arora को समझ आया मैं IIT के लिए नहीं बल्कि किसी चीज के लिए बना हूं। तो इसी चीज में अपने आप को और डिवेलप किया। अपने आप को बेहतर बनाया। मैथ के सलूशन को और अच्छे तरीके से समझना शुरू किया। और काफी बुक पड़ी और सॉल्व की और खुद की ट्रिक्स बनाना शुरू की।

Aashish Arora ने 23 साल की उम्र में सोचा क्यों ना बैंकिंग के स्टूडेंट को पढ़ाना शुरू किया जाए। तो फिर Aashish Arora ने एक अच्छे स्टूडेंट की तरह इस चीज के नॉलेज लेना शुरू की जितना जहां से सीख सकते थे वहां से इतना सीखा जितनी भी बैंकिंग की किताबे थी उन सब को पड़ा और सॉल्व किया।

Aashish Arora ने प्रिपरेशन करने के बाद एग्जाम दिया जिसने उनके फुल मार्क्स आए जिसे देखकर वह भी सॉफ्ट हो गए। क्योंकि जिस एग्जाम को सबसे हार्ड एग्जाम माना जाता है। वहां पर मेरे फुल नंबर आए। Aashish Arora के फुल मार्क्स एक बार नहीं बल्कि चार बार आए। और मेंस में 90% से ऊपर नंबर लाए। तब जाकर उन्हें खुद पर भरोसा हुआ। और पढ़ाना शुरू किया।

Amazing Tips

Aashish Arora ने अभी तक लाखों बच्चे पढ़ा चुके है। आज की जब बैंकिंग में किसी का सिलेक्शन होता है। तो उनसे ज्यादा खुशी Aashish Arora को होती है।

जिंदगी हार कर बैठ जाने का नाम नहीं है। जिंदगी में अगर आप 8 बार फेल कहते है। तो 9 बार आपको दुगनी तेजी से खड़े होना का नाम है। जब आप कोशिश कर रहे होते हो तो आपको सपोर्ट करने वाले बहुत कम होते है। बल्कि ताना देने वाले ज्यादा होते है।

अगर आपको तानों से फर्क पड़ेगा तो आपकी जर्नी बहुत मुश्किल हो जाएगी। और दूसरों से तुलना करने से पहले खुद से खुद की तुलना करें। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता की आप कहां से आते हो या क्या आप का बैकग्राउंड है। कोई बात मैटर करती है। तो वह यह है। की आप खुद को कहां तक पहुंचा सकते है। आप लड़ते रहो और मेहनत करते रहो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।

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